Monday, 18 October 2010

गाँव कि सड़क..

गाँव कि सड़क का मुसाफिर..

गाँव का मंदिर..

गाँव का बाज़ार..

गाँव का सोना.. बोले तो गाँव का खेत..

गाँव का एक रंग ये भी है..
ये कुछ तस्वीरें हैं जो मेरे गाँव की, या फिर हम सब के देश की एक रंग-बिरंगी छवि पेश करती है, और इसीलिए मुझे लगा कि इन तस्वीरों को आपके इस ब्लॉग के ज़रिये आपके साथ भी बांटा जा सकता है. मुझे उम्मीद है कि ये तस्वीरें आपको भी पसंद आएँगी..
गाँव कि सुबह..